Showing posts with label Think Possitive. Show all posts
Showing posts with label Think Possitive. Show all posts

2 May 2014

लम्बा कूदना है तो पीछे हटने से मत डरो !



Friends, क्या आपने कभी लम्बी कूद या long jump देखी है . Most probably आपमें से ज्यादातर लोगों ने long jump न सिर्फ देखी होगी बल्कि इसमें part भी लिया होगा .
खैर जो भी हो , क्या आपने ध्यान दिया है जब किसी athlete को long jump करना होता है तो वो क्या करता है ?
क्या वो jump लगाने वाले स्थान पर खड़ा होता है और वहाँ से jump लगा देता है ???
…Noooo…वो तो कुछ कदम पीछे हटता है….दौड़ लगाते हुए आगे बढ़ता है … और फिर jumping line के करीब पहुँच कर छलांग लगा देता है और जम्प पूरी करता है . Isn’t it?
Athlete का ऐसा करना बड़ा natural लगता है …जिसने ये खेल नहीं खेला वो भी आसानी से समझ सकता है कि लम्बा कूदना है तो कुछ पीछे जाकर momentum बनाना और कूद लगाना एक सही technique है …. पर जब खेल से हट कर असल ज़िन्दगी की बात आती है तो ज्यादातर लोग इस बात को digest नहीं कर पाते कि किसी बड़ी achievement को हासिल करने के लिए पीछे भी जाना पड़ सकता है !!!
क्या है “पीछे जाना ” ?
“पीछे जाना ” यानि अपनी current situation, जिसके आप used to हो चुके हैं को छोड़ कर एक uncomfortable situation में जाना है . ये किसी भी form में हो सकता है for instance, आप जो पढाई कर रहे हैं उसे छोड़ कर कुछ और पढाई करना , या कोई और business करने के लिए current business को back burner पे रखना , अपनी job छोड़ कर अपना खुद का काम शुरू करना या कुछ और …
.
ध्यान देने वाली बात है कि आप ये काम किसी मजबूरी में नहीं करते आप इसे अपनी मर्जी से करते हैं क्योंकि may be आपकी current situation आपको पसंद नहीं पर फिर भी आप उसके used to हो चुके हैं और अगर वो चलती भी रहे तो भी आप एक  comfortable life lead कर सकते हैं .
पर आप जानते हैं कि आप तो लम्बी कूद के लिए बने हैं इसलिए रह-रह कर आपके अंदर एक खलबली सी मचती है कि हटाओ ये सब …छोडो इन छोटी -मोटी चीजों को और लग जाओ अपने बड़े सपनो के पीछे .
क्या होता है जब ऐसे ख़याल आते हैं ?
इन ख़यालों के आने पर maximum लोग हर बार खुद को समझा ले जाते हैं …रुको …अभी risk लेना ठीक नहीं है ….…कुछ दिनों बाद शुरू करेंगे ; लेकिन बाल काले से सफ़ेद हो जाते हैं पर वो कुछ दिन बीतते ही नहीं और आप सालों तक या फिर पूरी लाइफ उसी situation में पड़े रह जाते हैं .
Of course ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता पर अगर आप भी इस situation से relate कर पा रहे हैं तो एक बार फिर से सोचिये कि कहीं आपको भी उस athlete की तरह कुछ कदम पीछे जाकर दौड़ लगाने की ज़रुरत तो नहीं है ? कहीं आप अपनी लम्बी छलांग लगाने की ability को दबा कर तो नहीं बैठे हैं ?
और यदि ऐसा है तो पीछे हटने से मत डरिये … ईशवर ने आपको जो काबिलियत दी है उसे अपने बेकार के डर से मत दबाइये … कुछ पीछे हटिये और एक लम्बी छलांग लगा कर अपने सपनो को साकार करिये .
Infosys के co-founder Narayan Murthy को हम सब जानते हैं . Infosys शुरू करने से पहले वह Patni Computer Systems में काम करते थे …पर वो deliberately इस comfortable position से पीछे हटे और भारत की one of the best IT companies found कर दी .
इसी कड़ी में मैं Arvind Kejriwal जी का भी नाम लेना चाहूंगा ….IAS officer की आराम की ज़िन्दगी को छोड़कर राजनीति में उतरना और इतने कम समय में AAP को दिल्ली में इतनी बड़ी सफलता दिलाना किसी फ़िल्मी कहानी की तरह लगता है , पर सच है।
अगर मैं अपनी बात करूँ तो Zindgi ki ABCD  को सम्भवतः हिंदी का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला  blog बनाने के लिए मैं भी पीछे हटा . मैंने 2010 के अंत में Zindgi ki ABCD पर काम करना शुरू किया . साथ ही मेरा IT field का career भी चल रहा था , जो अभी भी जारी है , और शायद कुछ ही और समय तक जारी रहे . पर इस दौरान मेरा पूरा focus Zindgi ki ABCD पे ही रहा , मैं चाहता तो Job में exceptional कर के अच्छी growth ले सकता था , यहाँ तक कि 2012 में मेरे पास अपनी current designation से 1 level उपर का offer भी था , पर मैंने उसे accept नहीं किया …मैं पीछे हट गया , क्योंकि मैं लम्बी छलांग लगाना चाहता था … अपने दिल की सुनना चाहता था और मैंने वही किया और कर रहा हूँ और आगे भी करता रहूँगा …. क्योंकि मुझे पता है हर इंसान की तरह मेरे अंदर भी कुछ भी कर गुजरने की क्षमता है , जिसे मैं सिर्फ उस काम में लगाना चाहता हूँ जिसे मैं बड़ा समझता हूँ … समय-समय पर ये काम बदल सकता है …आज Zindgi ki ABCD तो कल कुछ और भी हो सकता है …पर किसी भी वक़्त जो मैं कर रहा होउंगा वो मेरे लिए उस समय का सबसे बड़ा सबसे important काम होगा .
Friends, Ralph Waldo Emerson ने एक बड़ी खूबसूरत बात कही है ,”जीवन की लम्बाई नहीं गहराई मायने रखती है.”
आपको भी सोचना होगा कि कहीं समय के साथ आपका जीवन सिर्फ लम्बा तो नहीं हो रहा …. कहीं रोज-मर्रा की आपाधापी में आप इसे गहराई देने से चूक तो नहीं रहे…. कहीं कुछ बड़ा करने के लिए आपको भी पीछे हटने की ज़रुरत तो नहीं ?
और अगर लगे कि ज़रुरत है तो हर बार की तरह इस बार भी खुद को रोकिये नहीं , आगे बढ़िए , अपने सपनो का पीछा कीजिये और उन्हें हकीकत में बदल डालिये…
All the best !
—————————-
यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: bhaveshabvp@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!

Speed Breakers Vs Life Obstacles


Friends, क्या होता है जब आप smoothly अपनी गाड़ी चला रहे होते हैं और अचानक ही एक speed breaker आपके सामने आ जाता है ?
तब आप क्या करते हैं ?
क्या आप अपनी गाडी वहीँ रोक देते हैं और आगे बढ़ना छोड़ देते हैं ?
नहीं ! आप तो बस गाडी थोड़ी धीमी कर लेते हैं और breaker बीत जाने के बाद धीरे -धीरे अपनी speed बढ़ाने लगते हैं . Isn’t it ?
गाड़ी के मामले में हम सब यही करते हैं , पर जब अपने goals achieve करने की बात आती है , life में successful बनने की बात आती है तब लोग काफी differently behave करते हैं .
बहुत से लोग अपने लक्ष्य के मार्ग में आने वाले obstacles को स्पीड ब्रेकर्स के रूप में ना देख एक ऐसा dead end समझ लेते हैं , जहाँ से आगे नहीं बढ़ा जा सकता ; और फिर वे अपने सारे efforts छोड़ देते हैं !
पर roads पर आने वाले speed breakers और life में आने वाले obstacles में कई similarities हैं ,और ये समानताएं हमें सीखाती हैं कि जैसे ब्रेकर आने पर हम रोड पर नहीं रुकते वैसे ही लाइफ में प्रोब्लेम्स आने पर भी हमे रुकना नहीं चाहिए।  आइये इनपे थोड़ा गौर करते हैं :
दोनों आने ही आने हैं :
ना हम बिना speed breakers के रोड पर चल सकते हैं और ना ही बिना ऑब्स्टैकल्स के life जी जा सकती है … ऐसा एक भी सफल इंसान नहीं मिलेगा जो आपको ये कहे कि वो बिना बाधाओं के ही सफल हो गया . इसलिए इस बात के लिए mentally prepared रहने में ही समझदारी है की goals achieve करने के efforts में रुकावटों का सामना करना ही पड़ता है .
दोनों ही important हैं :
अगर speed breakers न हों तो uncontrolled speed की वजह से बहुत से accidents हो सकते हैं ; उसी तरह life में आने वाली obstacles हमें गहराई से सोचने और समस्याओं का समाधान ढूंढने में expert बनाती हैं .
किसी ने कहा भी है कि किसी की सफलता इससे नहीं आंकी जानी चाहिए कि उसने लाइफ में क्या पोजीशन हासिल की बल्कि इससे आंकी जानी चाहिए की उसने इसे हासिल करने में कितनी बाधाएं पार की।
दोनों temporary हैं :
कोई रोड ऐसी नहीं होती कि जिसपे सिर्फ speed breakers ही हों , और न ही success का कोई रास्ता ऐसा होता है जिस पर सिर्फ बाधायें ही बाधाएं हों … ब्रेकर्स और बाधाएं दोनों ही temporary होते हैं , आते हैं , कुछ देर के लिए हमें प्रभावित करते हैं और फिर चले जाते हैं। पर अगर कोई इन्हे temporary ना मान कर permanent समझ ले तो वो success से दूर ही रह जाता है .
दोनों से निपटने के लिए आप कुछ अलग करते हैं :
पहले आप smoothly अपनी गाड़ी चला रहे होते हैं पर जब speed breaker आता है तो आप गाडी का acceleration कम करते हैं और break लगाते हैं …. ठीक इसी तरह जब life में obstacles आते हैं तो इनसे निपटने के लिए आपको कुछ अलग करना होता है , ज़रा सोचिये अगर driver breaker आने पर भी वही करता रहे जो वो कर रहा था तो क्या होगा …. उसे झटका लगेगा , और अगर speed अधिक है तो accident भी हो सकता है . Life में आने वाली problems से deal करने के लिए हमें कुछ अलग करना होता है . Obstacles हमारे normal course से एक deviation है और उससे निकलने के लिए हमे अपने approach …अपनी technique में भी changes लाने पड़ते हैं।
ज़रूरी नहीं कि वो दिखाई दें :
कई बार speed breaker का पता तब लगता है जब हम उसपर से गुजर चुके होते हैं , उसी तरह कई बार problems तभी समझ में आती हैं जब वे हमें नुक्सान पहुंचा चुकी होती हैं . ऐसे cases में हम बीते हुए को नहीं बदल सकते पर definitely हम आगे के लिए सावधान हो सकते हैं .
दोनों के कई forms होते हैं :
जैसे सारे स्पीड ब्रेकर्स एक जैसे नहीं होते , कोई कम bumpy होता हैतो कोई ज्यादा , उसी तरह लाइफ में आने वाली प्रोब्लेम्स भी अलग-अलग तरह की होती हैं। कुछ आसानी से solve हो जाती हैं तो कुछ बहुत समय लेती हैं। पर ये निश्चित है की अगर हम एफ्फोर्ट्स डालते रहें तो आज नहीं तो कल उनका solution मिल ही जाता है।
दोनों ही experience के बाद आसान बन जाते हैं :
जब आप एक ही रास्ते से बार -बार जाते हैं तो subconsciously उस रास्ते का map आपके mind में तैयार हो जाता है , आप ब्रेकर आने से पहले ही जान जाते हैं की वो आने वाला है और accordingly अपनी speed adjust कर लेते हैं . Life में भी जब आप किसी obstacle से पार पा लेते हैं तो आपके mind में उससे या उस जैसी problems से निपटने का blue print तैयार हो जाता है और next time वैसी ही समस्या आने पर आप आसानी से उसे solve कर लेते हैं .
Friends, आपने अपनी life के लिए जो भी goals set किये हैं उन्हें जी -जान से pursue कीजिये और इस बात के लिए तैयार रहिये कि उनके पूरा होने में तमाम बाधाएं आएँगी पर वे सभी road पे आने वाले speed breakers की तरह ही होंगी जो एक बार को आपकी speed कम तो कर सकती हैं पर आपको अपना सपना पूरा करने से रोक नहीं सकतीं.
All the best !
———————
यदि आपके पास कोई Hindi  article,  inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ   share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: Bhaveshabvp@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks!


सम्बंधित पोस्ट-

19 Feb 2014

सफलता का राजमार्ग असफलता कि सुरंग से ही निकलता है


सफलता का राजमार्ग असफलता कि सुरंग से ही निकलता है

सफलता एक छोटा पर बहुत ही महत्वपूर्ण शब्द, हर एक व्यक्ति के अस्तित्व कि पहचान है सफलता, चाहे वो एक साधारण सा अनपढ़ मजदूर हो, या किसान हो, या एक student हो या फिर कोई छोटा-बड़ाbusiness men  हो, हर कोई अपने क्षेत्र में उच्च कोटि कि सफलता प्राप्त करने को आतुर है और साथ ही प्रयत्नशील भी।

     पर क्या success पाना इतना आसन है कि हर कोई पा जाये, यदी हाँ तो फिर सफलता के प्रयास में लगे व्यक्ति को गर थोड़ा असफलता का स्वाद चखना पड़ जाता है तो वह विचिलित क्यों हो उठाता है? जब व्यक्ति लगातार सफलता के पथ पर बढ़ता रहता है तो वो खुश होता है और उससे भी आगेकि सफलता को पाने के प्रयत्न में उत्साह के साथ लगातार लगा रहता है।

    पर यही पर गर वो थोड़ा असफल हो जाता है तो वो इतना निराश हो जाता है कि, कभी-कभी तो वह जीवन का साथ तक छोड़ने के विचार अपने अंदर लाने लगता  हैं। क्या सफलता जीवन में इतना महत्वपूर्ण स्थान रखती है कि जरा सी असफलता व्यक्ति को तोड़ कर रख देती है? क्या असफलता का जीवन में कोई स्थान नहीं है ? हाँ ये सच है कि किसी को भी जीवन में असफलता का कड़वा स्वाद पसंद नहीं है, पर ये भी सच है कि सफलता का राजमार्ग असफलता कि सुरंग से ही निकलता है। 

     यदी किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके निर्धारित aim कि प्राप्ति में बाधाएं आ रही हैं या वो उनको पाने में बार - बार असफल हो रहा है तो उसे अपनी लछ्य कि प्राप्ति के लिए थोड़ा रुकना चाहिए और अपनी सफलता कि प्राप्ति में बाधक बने कारणों को खोजना चाहिए, जिनके कारण बार- बार असफलता का मुख देखना पड़ा। इन कारणों को ढूँढ कर उनका सावधानी से निराकरण करना चाहिए क्योंकि सफलता के सूत्र असफलताओं के झंझावातों से निकलते हैं । जब हम असफलता के कारणों को ढूंढ कर उनका निराकरण कर देते हैं तो फिर सफलता शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो जाती है, और फिर इस सफलता को कोई रोक नहीं पाता।

    सफलता के परिद्रश्य में हम केवल उन बातों पे गौर करते हैं जिनका हमें क्रियान्वन करना होता है, परन्तु असफलता से हम उन स्थितियों व कारणों का भेद ढूढ़ते है जिनको सुधर कर उन में आवश्यक परिवर्तन कर अपनाते है, जिनसे हमें फिर सफलता सत- प्रतिशत अवश्य मिलती है।

    अतः असफलता के निदान- निराकरण में सफलता का सौन्दर्य निखरता है, और इस सफलता का सेहरा उसी के सिर बंधता- सजता है, जो अपने कर्तव्य और भावनाओं के बीच के द्वन्द में जीत को सुनिश्चित करता है।

    क्योंकि मनुष्य के अंदर का द्वन्द असफलता का कारण होता है, व्यक्ति के अंदर का द्वन्द उसकी सम्पूर्ण मानसिक एवं भावनात्मक शक्ति को नष्ट कर देता है। जब व्यक्ति के पास positive energy ही नहीं होगी तो वो अपने aim- सफलता कि प्राप्ति के लिए आवश्यक साहस, शौर्य, पराक्रम कहाँ से जुटा पायेगा, अतः मनुष्य जब अपने अस्तित्व को धार दार व्रज बना कर अपने aim पर टूट पड़ता है तो उससे सफलता दूर नहीं, क्योंकि इससे कम में सफलता कि प्राप्ति संभव नहीं है।


सम्बंधित पोस्ट:-

20 Jan 2014

अपने आप से पूछिए ये 50 सवाल

अपने आप से पूछिए ये 50 सवाल


Hello दोस्तों, बहुत दिनों से में एक अच्छी post लिखने की कोशिश कर रहा था. पर भाई की शादी के चलते ऐसा कर नहीं पाया.
अच्छा मुझे ये बताइए आख़िरी बार आपने कब शांत मन से बैठकर कुछ विचार किया था? और विचार करने से मतलब जिंदगी की परेशानियों के बारे में सोचने से तात्पर्य नहीं है मेरा.
ये कुछ ऐसे सवाल है जिनके जवाब आपकी कई सारी दुविधाओ को मिटा सकते ई. हमे एक सही रास्ता दिखा सकते 

प्रश्न:

1. यदि हम हमारी गलतियों से ही सीखते है तो गलतीयाँ करने से इतना डरते क्यों है?
2. क्या difference है, जिंदा होने में और वाकई जीने में ?
3. जो धर्म प्रेम और भाईचारे का सन्देश देते है, आखिर उनके कारण इतनी लडाइयां क्यों होती है?
4. क्या आप उसी तरह के मित्र है जैसा आप स्वयं के लिए चाहते है?
5. क्या प्यार और sex equal है?
6. अगर भारत की currency रुपये न होकर ‘खुशियाँ’ होती, तो आप कौनसे कार्य करते जो आपको सबसे अमीर बना देती?
7. क्या आप वो कर रहे है जिसमे आपको विश्वास है? या आप उसी को स्वीकार कर चुके है जो आपको मिल रहा है?
8. अगर इंसानों की उम्र केवल 40 वर्ष होती, तो आप कैसे जीते इसे?
9. आप किस्मे अधिक विश्वास रखते है? सही तरह से कार्य करने में या फिर सही कार्य करने में?
10. अगर आपको ये पता चल जाए, की आप जिन्हें भी जानते है उनकी कल मृत्यु हो जायेगी तो आप आज किसे मिलने जायेंगे?
11. अगर आप किसी नन्हे बच्चे को केवल एक advise देना चाहे तो वो क्या होगी?
12. एक ऐसी क्या चीज़ है जो आप वाकई करना चाहते है पर कर नहीं सकते? क्या रोक रहा है आपको उसे करने से?
13. आप एक चिंताग्रस्त ज्ञानी होना चाहेंगे या फिर एक खुशनुमा normal person?
14. क्या अभी तक आपका सबसे भयानक सपना सच हुआ?
15. क्या आप कम कार्य करना चाहेंगे? या फिर आपका पसंद का ज्यादा कार्य करना चाहेंगे?
16. आख़िरी बार आपने अपनी ही सांसो की आवाज कब सुनी थी?
17. जब आप 90 वर्ष के हो जाओगे. तो आपके लिए सबसे ज्यादा मायने क्या रखेगा?
18. decisions लिए जा रहे है आपकी जिंदगी के, सवाल ये है: क्या आप खुद वो decisions ले रहे है या फिर कोई और आपकी जिंदगी के decisions ले रहा है?
19. अगर आपके पास दुनिया की सारी दौलत हो, फिर भी आपको कोई कार्य करना हो तो वो क्या होगा?
20. अभी तक की जिंदगी में आप क्या regret करते है?
21. अगर आप स्वर्ग के दरवाज़े पर खड़े हो, और भगवान् आपसे पूछे; “मैं तुम्हे अन्दर क्यों आने दूँ?” तो आपका जवाब क्या होगा?
22. ऐसी क्या छोटी छोटी चीज़े है जो आप दूसरों के दिन को बेहतर बनाने के लिए कर सकत है?
23. आप इस दुनिया पर क्या impact छोड़ना चाहते है?
24. आख़िरी बार आपने कब कुछ नया try किया था?
25. ऐसा कौनसा सबक है जो आपने life में बहुत मुश्किलों को फेस करने के बाद सीखा?
26. आपको क्या लगता है? 5 साल पहले आपको क्या करना चाहिए था?
27. वाकई जीने में और केवल मौजूद रहने में क्या difference है?
28. अगर अभी नहीं तो फिर कब?
29. क्या आपने पिछले दिनों याद करने लायक कोई कार्य किया है?
30. अगर आपको कुछ पढाना होता, तो आप क्या पढ़ाते?
31. ऐसा क्या है, जो आपकी life में नहीं हुआ, या आपके साथ न हुआ तो आपको regret होगा?
32. क्या एक भूखे बच्चे का पेट भरने के लिए चोरी करना ग़लत है?
33. जब जिंदगी आपको गिरा देती है तो क्या होता है जो आपको फिर से उठने में मदद करता है?
34. क्या आपको कभी किसी बात को पछतावा हुआ है जो आपने नहीं की या नहीं कही?
35. हम तभी लोगों को क्यों यद् करते है जब वो चले जाते है?
36. प्यार देना ज्यादा important है या प्यार पाना?
37. अगर आपको doctor 5 साल अधिक दे जीने के लिए, तो आप क्या accomplish करेगे?
38. क्या गम के बिना ख़ुशी हो सकती है?
39. ऐसी क्या एक बात होगी जो आपकी जिंदगी के बाद भी लोग याद रखे, ऐसा आप चाहेंगे?
40. क्या कोई चीज़ या कोई व्यक्ति perfect हो सकता है?
41. इंसान होने का अर्थ क्या है?
42. क्या आप स्वयं से ख़ुश है?
43. क्या आपको ऐसा कोई समय याद है जब ऐसी बात जिसे आप impossible समझते थे, वो हो गयी?
44. आप अपना अधिकतर समय कैसे बिताते है?
45. किसी दुसरे की मदद आपने पिछले कुछ दिनों में कैसे की?
46. recently आपने ऐसा क्या सीखा जिससे आपकी जिंदगी बदल गयी?
47. सबसे प्यारी बात जो किसी ने आपके लिए की हो?
48. ऐसी चीज़ जो आप कभी नहीं करेगे?
49. आपकी जिंदगी में आपने ऐसा क्या किया है जिससे किसी दूसरे को hurt हुआ?
50. आख़िरी बार कब आपने किसी के लिए कुछ अच्छा किया हो, पर return में कुछ expect नहीं किया?


दोस्तों, हर सवाल का जवाब आप खुद सोचिये. गौर से सोचिये. अगर अभी समय नहीं है तो इस पेज को bookmark कर लीजिये और बाद में पढ़िए.
हर सवाल अच्छा है. और उसके जवाब आपको एक आईना दिखायेगे.
अगर आप अपने जवाब हमसे शेयर करना चाहे तो comments में ऐसा कर सकते है.

Zindgi ki ABCD को number 1 hindi site बनाने में भाग लीजिये. comments के माध्यम से अपने विचार हम भेजिए.
और ज्यादा से ज्यादा इसे शेयर करें.





12 Jan 2014

दुनिया की 6 बड़ी companies जिन्होंने garage से की शुरुआत

दुनिया की 6 बड़ी companies जिन्होंने garage से की शुरुआत



इस garage में 1939 को Hp company क थी
यूँ तो अक्सर कहा जाता है की हर बड़ी चीज़ की शुरुआत छोटे कदम से ही होती है, और ये एक universal truth है ही. आप इसे नकार नहीं सकते.

आप चाहे कितनी ही ऊँची उड़ान भरे पर उस उड़ान की शुरुआत ज़मीन से ही होती है. और इसी सत्य को साबित करती है ये companies. दुनिया की 6 सबसे बड़ी और सबसे सफल, पर इन सभी की शुरुआत किसी के घर के garage से हुई थी.. ऐसा क्यों? इससे में आपको थोड़ी देर बाद आपको अवगत कराऊंगा. और कुछ गौर करने लायक बातो को भी प्रस्तुत करूँगा. 
तो आइये देखते है..

6 Big Companies started in Garage:

1. Amazon.com- 

Jeff Bezos ने amazon की शुरुआत 1994 में की थी. तब ये केवल online book store हुआ करता था. उस समय Jeff इसका सारा काम अपने garage में बैठे बैठे ही करते थे. उन्होंने 1995 में अपनी पहली किताब बेचीं..
इसका मतलब की एक साल में उन्होंने कुछ ख़ास उपलब्धि हासिल नहीं की थी. वो चाहते तो इसे बंद कर सकते थे, क्योंकि एक साल बिना किसी success के किसी project पर काम करना कोई आसान बात नहीं है.
पर उन्होंने काम जारी रखा. और दो साल बाद इसका पहला IPO issue हुआ. आज amazon दुनिया की सबसे बड़ी online retailer company है. और इसकी शुरुआत कहाँ से हुई थी???

garage से.

2. Apple - 

अगर आप Zindgi ki ABCD को पढ़ रहे है तो आपको अभी तक अंदेशा हो गया होगा की मैं Steve Jobs को कितना मानता हूँ. वो मेरे लिए इन्स्पिरिंग figure रहे है, जबसे उनके बारे में पढ़ा है. 1976 में, 21 साल के Steve Jobs और 26 साल के Steve Wozniak ने Apple company की शुरुआत की. Wozniak द्वारा बनाए गए Apple I computer को तब एक लोकल computer store पर $500 में बेचा गया. और दोनों Steve और उनकी छोटी सी team ने अपने हाथो से 50 computers एक महीने के अन्दर बनाए और बेचे.
और ये सब हुआ कहाँ? 
Steve Jobs के घर के garage में.
और आज Apple दुनिया की सबसे valuable technology company है.


3. Disney-

California में Disneyland से 45 minute की दुरी पर एक छोटा सा घर है. जहां पर Walt Disney ने अपनी company start की. 1923, में ये घर Walt Disney के uncle, Robert Disney, का था. Walt और उनके भाई Roy यहाँ शिफ्ट हुए और उन्होंने garage में अपने पहले project ‘Alice in the Wonderland’ की filming शुरू की थी..
आज डिज्नी, दुनिया की सबसे बड़ी media- entertainment companies में से एक है.


4. Google-


Larry Page और Sergey Brin Stanford university के graduate students थे. और उन्होंने अपनी एक मित्र Susan Wojcicki’s के garage में 1998 में इसकी शुरुआत की. कुछ दिनों के बाद उन्हें एहसास हुआ की वो ‘Google’ project में इतना time लगा रहे है की वो अपना college का काम भी पूरा नहीं कर पा रहे थे.
ऐसे में उन्होंने Google को बेचने का फैसला किया. और ‘excite’ नामक company से 1 million dollars में सौदा करने की कोशिश की जिसे उसने साफ़ मन कर दिया..
आज google के बिना लोगों का जीवन ही नहीं चल रहा है. दुनिया का no. 1 search engine Google है. और शायद आप भी ‘हिंदी सोच’ पर पहली बार इसी के द्वारा आये होगे. है न? “आप लोगों ने गौर किया? की ये सभी companies garage में तो start हुई ही. पर इन सभी के founders की आगे कितनी कम थी..
ये भी कहा जा सकता है, की ये सभी युवा थे. कुछ नया करना चाहते थे. और उसका अंजाम ये हुआ की इन लोगों ने दुनिया को बेहतर बनाने में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया..”

5. Harley Davidson- 

ये तो एक ऐसा नाम है, जो हर bike lover के मन में बसा है. अगर मैं कहूँ की ये मेरी भी dream bikes में से एक है तो ग़लत
नहीं होगा.
मात्र 21 साल के mechanical engineer William S Harley ने एक ऐसा engine तैयार किया जो किसी cycle में फिट किया जा सकता हो. और अपने मित्र Arthur Davidson के साथ मिलकर 1903 में पहली Harley-Davidson bike निकाली. और ये सब उन्होंने किया कहाँ?

एक लकड़ी के बने shed में, जिसपर लिखा हुआ था ‘Harley Davidson Motor Cओ.’
अगर आप इस company के बारे में अधिक नहीं जानते तो बस google कर लीजिये.


6. Hewlett-Packard - 

मेरे ख्याल से आप इस company के short नाम से परिचित होगे.
HP- जी हाँ वही, company जो computer manufacture में अपना सिक्का जमा चुकी है.. हो सकता है, आप इस समय ये article आपके hp के computer, या laptop, या phone पर ही पढ़ रहे हो.
दुनिया की सबसे विश्वसनीय companies में से एक HP की शुरुआत Bill Hewlett और Dave Packard ने की थी ने 1939 में की थी. ये दोनों ही stanford university के students थे. और उन्होंने इसकी शुरुआत Palo Alto से की थी. ये वही जगह है जहां से Apple की शुरुआत हुई थी..
यहाँ तक की Steve Jobs ने HP में as a intern काम भी किया था.. और वे बचपन में यहाँ से कई सामान मंगाया करते थे.
HP के पहले प्रमुख customers में से एक भी इस list में 
शामिल है.. 
Walt Disney.. और ये सब हुआ कहाँ? 
Packard के घर के garage में.


ये थी वो कम्पनीज जिन्होंने निरंतर कदम बढ़ाए और छोटी सी जगह से शुरुआत करने के बावजूद एक बहुत बड़ा मुकान हासिल किया. जिन्हें हासिल करना कोई आसन काम नहीं था.


आपको ये post कैसी लगी और आपके विचार क्या है comments में जरुर बताये. और आइये विचारों को exchange करें. इस post को शेयर जरुर करें.

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Id है: bhaveshabvp@gmail.com.पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ PUBLISH करेंगे. Thanks! 
_______________________________________

सम्बंधित पोस्ट:-