7 Nov 2015

Best Success Quotes in Hindi


सफलता पर महान लोगों के विचार 

Quote 1: I honestly think it is better to be a failure at something you love than to be a success at something you hate.
In Hindi : मेरा  सच- मुच  ये मानना है  कि जिस चीज  को आप चाहते हैं उसमे असफल होना जिस चीज को आप नहीं चाहते उसमे सफल होने से बेहतर है.
George Burns  जार्ज बर्न्स 
Quote 2 : Always bear in mind that your own resolution to succeed is more important than any other.
In Hindi : हमेशा याद रखिये कि सफलता के लिए किया गया आपका अपना संकल्प किसी भी और संकल्प से ज्यादा महत्त्व रखता है.
Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन 
Quote 3 : Action is the foundational key to all success.
In Hindi : कार्य  ही सफलता की बुनियाद  है .
                                                               Pablo Picasso   पाब्लो पिकासो

Quote 4: Defeat is not the worst of failures. Not to have tried is the true failure.
In Hindi : हारना सबसे बुरी विफलता नहीं है. कोशिश  ना करना ही सबसे बड़ी विफलता है.
George Edward Woodberry जार्ज ऐडवर्ड वुडबेरी 
Quote 5 :Develop success from failures. Discouragement and failure are two of the surest stepping stones to success.
In Hindi : असफलता से सफलता का सृजन कीजिये. निराशा और असफलता, सफलता के दो निश्चित आधार स्तम्भ हैं.
Dale Carnegie  डेल कार्नेगी  
Quote 6 :A successful man is one who can lay a firm foundation with the bricks others have thrown at him.
In Hindi : एक सफल व्यक्ति वह है जो औरो द्वारा अपने ऊपर फेंके गए ईंटों से एक मजबूत नीव बना सके.
David Brinkley     डेविड ब्रिंकले
Quote 7 :Winning isn’t everything, it’s the only thing.
In Hindi :जीतना ही सब कुछ नहीं है, बस यही एक चीज ही है.
Vince Lombardi विन्स लोम्बार्डी 
Quote 8: Success is getting what you want. Happiness is wanting what you get.
In Hindi :जो चाहा वो मिल जाना सफलता है, जो मिल जाये उसे चाहना ख़ुशी है.
Dale Carnegie  डेल कार्नेगी    
Quote 9: Success has a simple formula: do your best, and people may like it.
In Hindi :सफलता का एक आसान फार्मूला है, आप अपना सर्वोत्तम  दीजिये और हो सकता है लोग उसे पसंद कर लें.
Sam Ewing  सैम ईविंग 
Quote 10 :No man succeeds without a good woman behind him. Wife or mother, if it is both, he is twice blessed indeed.
In Hindi :कोई भी पुरुष बिना एक इस्त्री के सहयोग के सफल नहीं होता. पत्नी या माँ , अगर दोनों हों, तो वह सच-मुच बहुत भाग्यशाली है.
Harold Mac Milan हैरोल्ड मैक मिलन  
Quote 11 : Don’t aim for success if you want it; just do what you love and believe in, and it will come naturally.
In Hindi : यदि आप सफलता चाहते हैं तो इसे अपना लक्ष्य ना बनाइये, सिर्फ वो करिए जो करना आपको अच्छा लगता है और जिसमे आपको विश्वास है, और खुद-बखुद आपको सफलता मिलेगी.
David Frost डेविड फ्रोस्ट
Quote 12 :I don’t know the key to success, but the key to failure is trying to please everybody.
In Hindi : मुझे सफलता का मन्त्र नहीं पता, पर सभी को खुश करने का प्रयास करना ही असफलता का मन्त्र है.
Bill Cosby  बिल कासबी
Quote 13 :In order to succeed, your desire for success should be greater than your fear of failure.
In Hindi : सफल होने के लिए , सफलता की इच्छा ,असफलता के भय से अधिक  होनी चाहिए.
Bill Cosby  बिल कासबी
Quote 14 :I’ve failed over and over and over again in my life and that is why I succeed.
In Hindi : मैं अपनी जिंदगी में बार-बार असफल हुआ हूँ और इसीलिए मैं सफल होता हूँ.
Michael Jordan  माइकल जार्डन 
Quote 15: Failure is success if we learn from it.
In Hindi :असफलता सफलता है  , यदि हम उससे सीख लेंतो .
Malcolm Forbes मैल्कम फ़ोर्ब्स
Quote 16: Success consists of going from failure to failure without loss of enthusiasm.
In Hindi : बार  बार  असफल  होने  पर  भी  उत्साह  ना  खोना   ही  सफलता  है .
Winston Churchill विंस्टन चर्चिल
Quote 17: Success depends upon previous preparation, and without such preparation there is sure to be failure.
In Hindi : सफलता पहले से की गयी तयारी पर निर्भर है,और बिना ऐसी तयारी के असफलता निश्चित है.
Confucius कन्फ्यूशियस
Quote 17: Success is never final, failure is never fatal. It’s courage that counts.
In Hindi: सफलता  कभी  अंतिम  नहीं  होती , विफलता  कभी  घातक  नहीं  होती . जो  मायने  रखता  है  वो  है  साहस .
John Wooden जॉन वुडेन
Quote 18: You cannot climb the ladder of success dressed in the costume of failure.
In Hindi: आप  सफलता  की  सीढ़ी  असफलता  के  कपडे  पहन  कर  नहीं  चढ़  सकते .
Zig Ziglar जिग जिगलर
Quote 19: Most great people have attained their greatest success just one step beyond their greatest failure.
In Hindi: अधिकतर महान लोगों ने अपनी सबसे बड़ी सफलता अपनी सबसे बड़ी विफलता के एक कदम आगे हांसिल की है.
Napoleon Hill नेपोलियन हिल
Quote 20: Through perseverance many people win success out of what seemed destined to be certain failure.
In Hindi: धैर्य  के  माध्यम  से  कई  लोग  उन  परिस्थितियों  में  भी  सफल  हो  जाते  हैं  जो  कि  एक   निश्चित  असफलता  जान  पड़ती  है .
Benjamin Disraeli बेंजामिन डीज्रैली
Quote 21: Failure doesn’t mean you are a failure it just means you haven’t succeeded yet.
In Hindi: असफलता  का  ये  मतलब  नहीं  है  कि  आप  असफल   हैं  इसका  बस  ये  मतलब  है  कि  आप  अभी  तक  सफल  नहीं  हुए हैं .
Robert H. Schuller रोबेर्ट एच . स्कूलर
Quote 22: If there exists no possibility of failure, then victory is meaningless.
In Hindi: यदि  हार  की  कोई  सम्भावना  ना  हो  तो  जीत  का  कोई  अर्थ  नहीं है .
Robert H. Schuller रोबेर्ट एच . स्कूलर
Quote 23: I think success has no rules, but you can learn a great deal from failure.
In Hindi: मेरा  मानना  है  कि  सफलता  का  कोई  नियम  नहीं  है , लेकिन  आप  असफलता  से  बहुत  कुछ  सीख  सकते  हैं .
Jean Kerr जीन केर्र
Quote 24: About the only problem with success is that it does not teach you how to deal with failure.
In Hindi: सफलता  के  साथ  बस  एक  ही  समस्या  है  वो  असफलता  से  कैसे  निपटा  जाये  नहीं  सीखती.
Tommy Lasorda टोमी लासोर्दा 
Quote 25: A little more persistence, a little more effort, and what seemed hopeless failure may turn to glorious success.
In Hindi: थोड़ी  सी  और  दृढ़ता , थोडा  सा  और  प्रयास , और  जो  एक  निराशाजनक  असफलता  दिख  रही  थी  वह  एक  शानदार  सफलता  में  बदल  सकती  है .
 Elbert Hubbard ऐल्बर्ट हब्बार्ड  
Quote 26: A minute’s success pays the failure of years.
In Hindi: एक  मिनट  की  सफलता  बरसों  की  असफलता  की  कीमत  चुका  देती  है .
Robert Browning रोबर्ट ब्राउनिंग
Quote 27: Most success springs from an obstacle or failure. I became a cartoonist largely because I failed in my goal of becoming a successful executive.
In Hindi: ज्यादातर  सफलताएँ  असफलता  की  ठोकर  से  उपजती  हैं . मैं एक  एग्जिक्यूटिव  बनने  के  अपने  लक्ष्य   में  विफल  होने  के  बाद  एक  कार्टूनिस्ट   बना .
Scott Adams स्कोट एडम्स 
Quote 28: Without failure there is no sweetness in success. There’s no understanding of it.
In Hindi: बिना  असफलता  के  सफलता  का  कोई  स्वाद  नहीं  है . उसकी  कोई  समझ  नहीं  है .
Glenn Beck ग्लेन बेक 
Quote 29: The will to persevere is often the difference between failure and success.
In Hindi: दृढ  रहने  की  इच्छाशक्ति  अक्सर  सफलता  और  असफलता  के  बीच  का  अंतर  होती  है .
David Sarnoff डेविड सर्नोफ्फ़   
Quote 30: Failure is not our only punishment for laziness; there is also the success of others.
In Hindi: हमारे  आलस्य  की  सजा  सिर्फ  हमारी   असफलता   नहीं  है ; दूसरों  की   सफलता  भी  है .
Jules Renard जूल्स रेनार्ड 
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  We will keep adding more Success Quotes from time to time.
Note: Despite taking utmost care there could be some mistakes in Hindi Translation of  Success Quotes.
निवेदन: कृपया अपने comments के माध्यम से बताएं कि  Success (सफलता) Quotes काहिंदी अनुवाद आपको कैसा लगा.

20 मिनट में जानें अपने जीवन का उद्देश्य


how to know your purpose of life Hindi
दोस्तों  आज  Zindgi ki ABCD  पर  मैं  आपके  साथ  कुछ  special share करने  जा  रहा  हूँ . Special इसलिए  क्योंकि   आज  मैंने   जो  article   Hindi में  translate किया  है  वो  एक  ऐसे  व्यक्ति  द्वारा  लिखा  गया  है  जिन्हें  मैं  अपना  on-line गुरु  मानता   हूँ .  उनका  नाम  है  Steve Pavlina.  उन्होंने  अपने   articles से  करोड़ों  लोगों  के  जीवन  में  एक   positive बदलाव  लाया  है . और  आज  जो  article मैं  आपसे  share कर  रहा  हूँ  वो  उनके  द्वारा   लिखे  गए   सबसे  ज्यादा  पढ़े  जाने   वाले   articles में  से  एक  है . इसे  बड़े  धयन  से  पढ़िए  क्योंकि  यहाँ  से  आप  जान  सकते  हैं  अपने   जीवन  का   उद्देश्य .

How to Discover Your Life Purpose in About 20 Minutes

लगभग   20 मिनट  में  जानें  अपने जीवन  का उद्देश्य 

आप  अपने  जीवन  का   असली  उद्देश्य   कैसे  पता  करेंगे ? मैं  आपकी  job के  बारे  में  बात  नहीं  कर  रहा  हूँ  , या  फिर  आपकी  रोज़मर्रा  की  जिम्मेदारियों  या  आपके  long term goals के  बारे  में  भी  बात  नहीं  कर  रहा  हूँ . मेरा  मतलब  उस  असली  वजह  से  है  जिसके  लिए  आप  यहाँ  हैं —वो  वजह   जिसके
लिए  आप  exist करते  हैं .
या  शायद  आप  एक   नास्तिक  व्यक्ति  हैं  जो  ये  सोचता  है  कि  उसके  जीवन  का  कोई  उद्देश्य  नहीं  है , और  ज़िन्दगी  का  कोई  मतलब  नहीं  है . इससे  कोई  फरक  नहीं  पड़ता . इस  बात  में  यकीं  रखना  की  life का  कोई  purpose नहीं  है  आपको  इसे  discover करने  से  नहीं  रोकता , ठीक  वैसे  ही  जैसे  गुरुत्वाकर्षण  में  यकीं  नहीं   होना  आपको  घूमने-घामने   से  नहीं  रोक  सकता . यकीं  ना  होने  से  बस  समय  थोडा  ज्यादा  लगेअगा , तो  अगर  आप  इस  तरह  के  व्यक्ति  हैं  तो  इस  पोस्ट  के  Title में  जो  नंबर  है  उसे  20 से  बढ़ा  कर  40 कर  दें  (या  60 अगर  आप  सच -मुच  जिद्दी  हैं ). ज्यादा  chance है  कि   अगर  आप  ये  believe करते  हैं  कि  आपकी  life का  कोई  purpose नहीं  है  तो  मैं  जो  कुछ  कह  रहा  हूँ  आप  उसमे  भी  believe नहीं  करेंगे , पर  फिर  भी , एक  घंटा  देने  में  क्या  जाता  है , क्या  पता  कुछ  पता  ही  चल  जाये ?
Bruce Lee के  बारे   में  एक  छोटी  सी  कहानी  बात  कर  मैं  इस  छोटी  सी  exercise का  stage सेट  करता  हूँ . एक  martial artist ने  Bruce से  कहा  कि  तुम  martial arts के  बारे  में   जो  कुछ  भी  जानते  हो  मुझे  सिखा  दो .Bruce  ने  पानी  से  भरे  दो  कप  लिए  और  कहा  “ पहला  कप  martial arts के  बारे  में  जो  भी  तुम्हारा   ज्ञान  है  उसे  दर्शाता  है , दूसरा  कप  martial srts के  बारे  में  मेरे  ज्ञान  को  दर्शाता  है . अगर  तुम  अपना  कप  मेरे  ज्ञान  से  भरना  चाहते  हो  तो  पहले  तुम्हे  अपने  कप  का  ज्ञान  कहली  करना   होगा .”
यदि  आप  अपनी  ज़िन्दगी  का  असली  मकसद  जानना  चाहते  हैं   तो  पहले  आपको  सिखाये  गए  सभी  व्यर्थ  के  मकसदों (including कि  आपकी  ज़िन्दगी  का  कोई  मकसद  ही  नहीं  है ) को  अपने  दिमाग  से  निकलना  होगा .
तो  आप  अपने  जीवन  का  उद्देश्य  कैसे  पता  करेंगे ? वैसे   तो  यह  पता  करने  के   कई  तरीके  हैं , पर  यहाँ  मैं  आपको  एक  बहुत  ही  simple तरीका  बताऊंगा  जो  कोई  भी  अपना  सकता  है . आप  इस  तरीके  को  जितना  ज्यादा  accept करंगे , जितना  ज्यादा  इसके  काम  करने  की  अपेक्षा   करेंगे  यह  उतनी  ही  तेजी  से  आपके  लिए  काम  करेगा .पर   यदि  आप  इससे  ज्यादा  उम्मीद  ना  भी  करें , या   इसपे कुछ  doubt करें , यह  सोचें  कि  ये  तो  बेवकूफी  है , समय  की  बर्वादी  है  तो  भी  यह  अप्पके  लिए  काम  करेगा , बस  ज़रुरत  है  कि  आप  इसके   साथ  लगे  रहिये .—पर  हाँ  , समय  कुछ  अधिक  लगेगा .
आपको  ये  करना  है :
1)      एक  blank page ले  लीजिये  या  फिर  एक  word file खोल  लीजिये .
2)      Top पर  लिखिए , “ मेरी  जीवन   का  असली  उद्देश्य   क्या  है ?”
3)      कोई  उत्तर  लिखिए  (कुछ  भी ) जो  आपके  दिमाग  में  आ  रहा  हो . पूरा  sentence लिखने  की  ज़रुरत  नहीं  है . एक  छोटा  सा   phrase काफी  है .
4)      Step 3 को  तब  तक  repeat कीजिये  जब  तक  की  आप  कोई  ऐसा  उत्तर   ना  लिख  लें  जिससे  आपको  रोना  आ   जाये . यही  आपके  जीवन  का  उद्देश्य  है .
बस  इतना  ही . इससे  कोई   मतलब  नहीं  है  की  आप  counselor हैं  engineer हैं  या  कोई  bodybuilder हैं .कुछ  लोगों  को  ये  exercise बिलकुल  उपयुक्त  लगेगी , कुछ  लोगो  को  कोरी  बकवास . Life का  purpose क्या  है  इसको  लेकर  हमारे  मन  में  जो  भी  हलचल  है  और  अपनी  Social conditioning की  वजह  से  हम   जो  कुछ  भी  इस  विषय  में  सोचते  हैं  उसे  clear करने   में  आम  तौर  पे  15-20 मिनट  लगेंगे.गलत  उत्तर   आपकी  memory और  mind से  आयेंगे . लेकिन  जब  आपको  सही  उत्तर  मिल   जायेगा  , आपको  अहसास  होगा  कि  यह  उत्तर  किसी  बिलकुल  ही  अलग  जगह  से  आ  रहा  है .
वो  लोग  जो  अपनी  जड़े  जागरूकता  के  बिलकुल  निचले   स्तर  पर  जमा  चुके  हैं , उन्हें  सभी  गलत  उत्तर  निकालने   में  काफी  वक़्त  लगेगा , शायद  एक  घंटे  से भी  ज्यादा . लेकिन  यदि  आप , 100, 200 या  500 उत्तर  के  बाद  भी  लगे  रहेंगे  तो  आपको  वो  उत्तर  मिल   जायेगा  जो  आपकी  भावनाओं  को  बढ़ा  देगा , जो  आपको  रुला  देगा .यदि  आपने  पहले  कभी  ये  नहीं  किया  है  तो  शायद  ये  आपको  बहुत  मूर्खतापूर्ण  लगे . लगने   दीजिये  पर  इसे  करिए  ज़रूर .
आप  जैसे -जैसे  इस  प्रोसेस  से  गुजरेंगे  , आपके  कुछ  उत्तर  बहुत  एक  जैसे  लगेंगे , आप  चाहें  तो  पुराने  उत्तर  दुबारा  भी  लिख  सकते  हैं . आप  अचानक  एक  नयी  दिशा  में  सोच  सकते  हैं  और  10-20 नए  उत्तर भी लिख  सकते  हैं . That’s OK. आपके  दिमाग  में  जो  उत्तर  आये  आप  वो  लिख  सकते  हैं  बशर्ते  आप  लिखना  चालू  रखिये .
इस  दौरान  एक  समय  ऐसा  भी  आएगा  ( लगभग  50-100 answers के  बाद )  जब  आप  quit करना  चाहें , और  आप  खुद  को  उस  उत्तर  तक  पहुचते  ना  देख  प्  रहे  हों . आप  को  ऐसा  लग  सकता  है  कि  आप  किसी  बहाने  से  उठ  कर  कुछ  और  करने  लगें . ये  normal है . इस  अवरोध  को  पार  कीजिये , और  बस  लिखते  रहिये . अवरोध  का  अहसास  कुछ  देर  में  ख़तम  हो  जायेगा .
शायद  आपको  बीच  में  कुछ  ऐसे  उत्तर  मिलें  जो   आपको  थोडा  emotional कर  दें , पर  वो   आपको  रुला  ना  पाएं — ऐसे  answers को  highlight करते  हुए  आगे  बढिए , ताकि  बाद  में  आप  इनपर  वापस  आकर  नए  संयोग  बना  सकें . हर  एक  उत्तर  आपके  purpose के  एक  हिस्से  को  दर्शाता  है , पर  खुद  में  वो  पूर्ण  नहीं  है . जब  आपको  ऐसे  उत्तर  मिलना  शुरू  हो  जायें  तो  इसका  मतलब  है  कि  आप  warm-up हो  रहे  हैं  . बस  आगे  बढ़ते  रहिये .
यह  ज़रूरी  है  कि  आप  इसे  अकेले  बिना  किसी  रूकावट  के  करिएँ .यदि  आप  नास्तिक  हैं  तो  आप  इस  उत्तर  से  शुरआत  कर  सकते  है  कि , “ मेरे  जीवन  का  कोई  उद्देश्य  नहीं  है ,” या  “ जीवन  निरर्थक  है ,’ और  वहां  से  आगे  बढिए , यदि  आप  लगे  रहेंगे  तो  आपको  उत्तर  ज़रूर  मिलेगा .
जब  मैंने  यह  exercise की  तो  मुझे  लगभग  25 मिनट  लगे , और  मैं  अपने  final answer तक  106 वें  step में  पहुंचा . उत्तर  के  कुछ  parts ( जब  मैं  थोडा  emotional हो  गया ) मुझे  step no. 17,39 और  53 में  मिले .और  सबसे  ज्यादा  step 100-106 में  मुझे  अपना  answer मिला  और  refine होता  गया .. मुझे  step 55-60 के  आस – पास  बहुत  अवरोध  मह्शूश  हुआ , लगा  कि  मैं  ये  छोड़  के  कुछ  और  करूँ , लगा  कि  ये  process fail हो  जायेगा , मैंने  काफी  impatient और  irritating feel किया . Step no. 80 के  बाद  मैंने  2 मिनट का  break ले  लिया , आँखे  बंद  कर  के  थोडा  relax किया  ,अपने  mind को  clear किया  और  इस  बात  पर  focus किया   कि  मेरी  intention जवाब  पाने  की  है . –ये  मददगार  साबित  हुआ  क्योंकि  break के  बाद  मुझे  और  भी  clear answers मिलने  लगे .
Here was my final answer: to live consciously and courageously, to resonate with love and compassion, to awaken the great spirits within others, and to leave this world in peace.
मेरा  final   answer   था : जागरूकता  और  साहस  के  साथ  जीवन  जीना ,प्रेम  और  दया  को अपनाना , दूसरों  के  अन्दर  की  महान  आत्माओं  को  जगाना , और   इस  दुनिया  को  शांतिमय बनाकर छोड़ना.
जब  आपको  अपना  उत्तर  मिल  जायेगा  कि  आप  यहाँ  क्यों  हैं , तब  आप  feel करेंगे  की  वो  आपके  अंत -मन  को  छू  रहा  है . वो  शब्द  आपको  energetic लगेंगे  , और  आप  जब  भी  उन्हें  पढेंगे  तो  आप  उस  energy को  feel करेंगे .
उद्देश्य  को  जान  लेना  आसान  है  . कठिन  तो  यह  है  कि  उसे  हर  रोज़  अपने  साथ  रखना  और  खुद  पर  काम  करना  कि  एक  दिन  आप  खुद  वो  उद्देश्य  बन  जायें .
अगर  आप  यह  पूछना  चाहते  हैं  कि  यह  process काम  क्यों  करता  है  तो  आप  पहले  इस  question को  तब  तक   side में  रख  दीजिये जब  तक  आप  इस excercise  को सफलतापूर्वक  complete   नहीं  कर  लेते . और  जब  आप  ये  करलेंगे  तो  शायद   आपके  पास  अपना  खुद  का  एक  जवाब  होगा  कि  ये  काम   क्यों  करता  है . यदि  आप  10 ऐसे  लोगों  से ( जिन्होंने  इस  process को  successfully complete कर  लिया  है ) येही  प्रश्न  करें  तो  ज्यादा  chance है  कि  आपको  दस  अलग -अलग  उत्तर  मिलेंगे , जो  उनके  अपने  belief system के  हिसाब  से  होगा , और  हर  एक  में  सच्चाई  कि  अपनी   ही  छवि  होगी .
जाहिर  है  कि  अगर  आप  final answer आने  से  पहले  ही  quit कर  गए  तो  ये  process आपके  लिए  काम  नहीं  करेगा . मेरा  अनुमान  है  कि  80-90% लोगों  को  उत्तर  1 घंटे  के  अन्दर  मिल  जायेगा . अगर  आप  अपनी  धारणाओं  में  बहुत  ही  ज्यादा  उलझे  हुए  हैं  तो   शायद  आपको  5 sessions लगें  और  कुल  3 घंटे  का  वक़्त  लगे , पर  मुझे  संदेह  है  कि  ऐसे  व्यक्ति   पहले  ही  quit कर  जायेंगे  ( शायद  पहले  15 मिनट  में ) या  फिर  वो  इस  attempt ही  ना  करें . लेकिन  आप  इस  blog को  पढने  के  प्रति  आकर्षित  हुए  हैं  ( और  अभी  तक  इस  अपने  life से  बन  करने  के  बारे  में  नहीं   सोचा   है ), तो  शायद  ही  आप  इस  group को  belong करें .
इसे  try करिए . ज्यादा  से  ज्यादा  दो  चीजें  हो  सकती  हैं : आपको  अपने  जीवन  का  उद्देश्य  पता  चल  जाये   या  फिर  आप  इस  blog को  unsubscribe कर  लें .
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Note : Despite taking utmost care there could be some mistake in Hindi translation of  “How to Discover Your Life Purpose in About 20 Minutes”
निवेदन : यदि  यह  लेख  आपके लिए लाभप्रद रहा हो तो कृपया  कृपया  comment के  माध्यम  से  मुझे ज़रूर बताएं.

कैसे डालें सुबह जल्दी उठने की आदत


 कैसे डालें सुबह जल्दी उठने की आदत?
Early to bed and early to rise makes a man healthy wealthy and wise
Hi friends,
               हममें से ज्यादातर लोगों ने कभी ना कभी ये कोशिश ज़रूर की होगी कि रोज़ सुबह जल्दी उठा जाये. हो सकता है कि आपमें से कुछ लोग कामयाब भी हुए हों, पर अगर majority की बात की जाये तो वो ऐसी आदत डालने में सफल नहीं हो पाते. लेकिन आज जो article  मैं आपसे share कर रहा हूँ इस पढने के बाद आपकी सफलता की  probability निश्चित रूप से बढ़ जाएगी. यह article इस विषय पर दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़े गए लेखों में से एक का Hindi Translation है. इसे Mr.Steve Pavlina ने लिखा है . इसका  title है “How to become an early riser.“. ये बताना चाहूँगा कि  इन्ही के द्वारा लिखे गए  लेख “20 मिनट में जानें अपने जीवन का उद्देश्य ” का Hindi version इस ब्लॉग पर सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले लेखों में से एक है.
तो आइये जानें कि हम कैसे डाल सकते हैं सुबह जल्दी उठने की आदत.

 कैसे डालें सुबह जल्दी उठने की आदत?

It is well to be up before daybreak, for such habits contribute to health, wealth, and wisdom.
सूर्योदय  होने  से  पहले  उठाना  अच्छा  होता  है , ऐसी  आदत  आपको  स्वस्थ , समृद्ध  और  बुद्धिमान  बनती  है .
-अरस्तु

सुबह  उठने  वाले  लोग  पैदाईशी  ऐसे  होते  हैं  या   ऐसा  बना  जा  सकता  है ? मेरे  case में  तो  निश्चित  रूप  से  मैं  ऐसा  बना  हूँ . जब  मैं  बीस  एक  साल  का  था  तब  शायद  ही  कभी  midnight से  पहले  बिस्तर  पे  जाता  था . और  मैं  लगभग  हमेशा  ही  देर  से  सोता  था. और  अक्सर  मेरी  गतिविधियाँ  दोपहर  से  शुरू  होती  थीं .
पर  कुछ  समय  बाद  मैं  सुबह  उठने  और  successful  होने  के  बीच  के  गहरे  सम्बन्ध  को  ignore नहीं  कर  पाया , अपनी  life में  भी . उन  गिने  – चुने  अवसरों  पर  जब  भी   मैं  जल्दी  उठा  हूँ  तो  मैंने  पाया  है  कि  मेरी  productivity लगभग  हमेशा  ही  ज्यादा  रही  है , सिर्फ  सुबह  के  वक़्त  ही  नहीं  बल्कि  पूरे  दिन . और  मुझे  खुद अच्छा  होने  का  एहसास  भी  हुआ  है . तो  एक  proactive goal-achiever होने  के  नाते  मैंने सुबह  उठने  की  आदत  डालने  का  फैसला  किया . मैंने  अपनी  alarm clock 5 am पर  सेट  कर  दी …
— और  अगली  सुबह  मैं  दोपहर  से  just पहले  उठा .
ह्म्म्म…………
मैंने  फिर  कई  बार  कोशिश  की , पर  कुछ  फायदा  नहीं  हुआ .मुझे  लगा  कि  शायद  मैं  सुबह  उठने  वाली  gene के  बिना  ही  पैदा  हुआ  हूँ . जब  भी  मेरा  alarm बजता  तो  मेरे  मन  में  पहला  ख्याल  यह  आता  कि  मैं  उस  शोर  को  बंद  करूँ  और  सोने  चला  जून . कई  सालों  तक  मैं  ऐसा  ही  करता  रहा , पर  एक  दिन  मेरे  हाथ  एक  sleep research लगी  जिससे  मैंने  जाना  कि  मैं  इस  problem को  गलत  तरीके  से  solve कर  रहा  था . और  जब  मैंने  ये  ideas apply   कीं  तो  मैं  निरंतर  सुबह   उठने  में  कामयाब  होने  लगा .
गलत  strategy के  साथ  सुबह  उठने  की  आदत  डालना  मुश्किल  है  पर  सही  strategy के  साथ  ऐसा  करना  अपेक्षाकृत  आसान  है .
सबसे  common गलत  strategy है  कि  आप  यह  सोचते  हैं  कि  यदि  सुबह  जल्दी  उठाना  है  तो  बिस्तर  पर  जल्दी  जाना  सही  रहेगा . तो  आप  देखते  हैं  कि  आप  कितने  घंटे  की  नीद  लेते  हैं , और  फिर  सभी  चीजों  को  कुछ  गहनते  पहले  खिसका  देते  हैं . यदि  आप  अभी  midnight से  सुबह  8 बजे  तक  सोते  हैं  तो  अब  आप  decide करते  हैं  कि  10pm पर  सोने  जायेंगे  और  6am पर  उठेंगे .  सुनने  में  तर्कसंगत  लगता  है  पर  ज्यदातर  ये  तरीका  काम  नहीं  करता .
ऐसा  लगता  है  कि  sleep patterns को  ले  के  दो  विचारधाराएं हैं . एक  है  कि  आप  हर  रोज़  एक  ही  वक़्त  पर  सोइए  और  उठिए . ये  ऐसा  है  जैसे  कि  दोनों  तरफ  alarm clock लगी  हो —आप  हर  रात  उतने  ही  घंटे  सोने  का  प्रयास  करते  हैं . आधुनिक  समाज  में  जीने  के  लिए  यह  व्यवहारिक  लगता  है . हमें  अपनी  योजना  का  सही  अनुमान  होना  चाहिए . और  हमें  पर्याप्त  आराम  भी  चाहिए .
दूसरी  विचारधारा  कहती  है  कि  आप  अपने  शरीर  की  ज़रुरत  को  सुनिए  और  जब  आप  थक  जायें  तो  सोने  चले  जाइये  और  तब  उठिए  जब  naturally आपकी  नीद  टूटे . इस  approach की  जड़  biology में  है . हमारे  शरीर  को  पता  होना  चाहिए  कि  हमें  कितना  rest चाहिए , इसलिए  हमें  उसे  सुनना  चाहिए .
Trial and error से  मुझे  पता  चला  कि  दोनों  ही  तरीके  पूरी  तरह  से  उचित  sleep patterns नहीं  देते . अगर  आप  productivity की  चिंता  करते  हैं  तो  दोनों  ही  तरीके  गलत  हैं . ये  हैं  उसके  कारण :
यदि  आप  निश्चित  समय  पे  सोते  हैं  तो  कभी -कभी  आप  तब  सोने  चले  जायेंगे  जब  आपको  बहुत  नीद  ना  आ  रही  हो . यदि  आपको  सोने  में  5 मिनट  से  ज्यादा  लग रहे  हों  तो  इसका  मतलब  है  कि  आपको  अभी  ठीक  से  नीद  नहीं  आ  रही  है . आप  बिस्तर  पर  लेटे -लेटे अपना  समय  बर्वाद  कर  रहे  हैं ; सो  नहीं  रहे  हैं . एक  और  problem ये  है  कि  आप  सोचते  हैं  कि  आपको  हर  रोज़  उठने  ही  घंटे  की  नीद  चाहिए , जो  कि  गलत  है . आपको  हर  दिन  एक  बराबर  नीद  की  ज़रुरत  नहीं  होती .
यदि  आप  उतना  सोते  हैं  जितना  की  आपकी  body आपसे  कहती  है  तो  शायद  आपको  जितना  सोना  चाहिए  उससे  ज्यादा  सोएंगे —कई  cases में  कहीं  ज्यादा , हर  हफ्ते  10-15 घंटे  ज्यदा ( एक  पूरे  waking-day के  बराबर ) ज्यादातर  लोग  जो  ऐसे  सोते  हैं  वो  हर  दिन  8+ hrs सोते  हैं , जो  आमतौर  पर  बहुत  ज्यादा  है . और  यदि  आप  रोज़  अलग -अलग  समय  पर  उठ  रहे  हैं  तो  आप  सुबह  की  planning सही  से  नहीं  कर  पाएंगे . और  चूँकि  कभी -कभार  हमारी  natural rhythm घडी से  मैच  नहीं  करती  तो  आप  पायंगे  कि  आपका  सोने  का  समय  आगे  बढ़ता  जा   रहा  है .
मेरे  लिए  दोनों  approaches को  combine करना  कारगर  साबित  हुआ . ये  बहुत  आसान  है , और  बहुत  से  लोग  जो  सुबह  जल्दी  उठते  हैं , वो  बिना  जाने  ही  ऐसा  करते  हैं , पर  मेरे  लिए  तो  यह  एक  mental-breakthrough था .Solution ये  था  की  बिस्तर  पर  तब  जाओ  जब  नीद  आ  रही  हो  ( तभी  जब  नीद  आ  रही  हो ) और  एक  निश्चित  समय  पर  उठो ( हफ्ते  के  सातों  दिन ). इसलिए  मैं  हर  रोज़  एक  ही  समय  पर  उठता  हूँ ( in my case 5 am) पर  मैं  हर  रोज़  अलग -अलग  समय  पर  सोने  जाता  हूँ .
मैं  बिस्तर  पर  तब  जाता  हूँ  जब  मुझे  बहुत  तेज  नीद  आ  रही  हो . मेरा  sleepiness test ये  है  कि  यदि  मैं  कोई  किताब  बिना  ऊँघे  एक -दो  पन्ने  नहीं  पढ़  पाता  हूँ  तो  इसका  मतलब  है  कि  मै  बिस्तर  पर  जाने  के  लिए  तैयार  हूँ .ज्यादातर  मैं  बिस्तर  पे  जाने  के  3 मिनट  के  अन्दर  सो  जाता  हूँ . मैं  आराम  से  लेटता  हूँ  और  मुझे  तुरंत  ही  नीद  आ  जाति  है .  कभी  कभार  मैं  9:30 पे  सोने  चला  जाता  हूँ  और  कई  बार  midnight   तक  जगा  रहता  हूँ . अधिकतर  मैं  10 – 11 pm के  बीच  सोने चला  जाता  हूँ .अगर  मुझे   नीद  नहीं   आ  रही  होती  तो  मैं  तब  तक  जगा  रहता  हूँ  जब  तक  मेरी  आँखें  बंद  ना  होने  लगे . इस  वक़्त  पढना  एक  बहुत  ही  अच्छी activity है , क्योंकि  यह  जानना  आसान  होता  है  कि  अभी  और  पढना  चाहिए  या  अब  सो  जाना  चाहिए .
जब  हर  दिन  मेरा  alarm बजता  है  तो  पहले  मैं  उसे  बंद  करता  हूँ , कुछ  सेकंड्स  तक  stretch करता  हूँ , और  उठ  कर  बैठ  जाता  हूँ . मैं  इसके  बारे  में  सोचता  नहीं . मैंने  ये  सीखा  है  कि  मैं  उठने  में  जितनी  देर  लगाऊंगा ,उतना  अधिक  chance है  कि  मैं  फिर  से  सोने  की  कोशिश  करूँगा .इसलिए  एक  बार  alarm बंद  हो  जाने के  बाद  मैं  अपने  दिमाग  में  ये  वार्तालाप  नहीं  होने  देता  कि  और  देर  तक  सोने  के  क्या  फायदे  हैं . यदि  मैं  सोना  भी  चाहता  हूँ , तो  भी  मैं  तुरंत  उठ  जाता  हूँ .
इस  approach को  कुछ  दिन  तक  use करने  के  बाद  मैंने  पाया  कि  मेरे  sleep patterns एक  natural rhythm में  सेट  हो  गए  हैं . अगर  किसी  रात  मुझे  बहुत  कम  नीद  मिलती  तो  अगली  रात  अपने  आप  ही  मुझे  जल्दी  नीद  आ  जाती  और  मैं  ज्यदा  सोता . और  जब  मुझमे  खूब  energy होती  और  मैं  थका  नहीं  होता  तो  कम  सोता . मेरी  बॉडी  ने  ये  समझ  लिया  कि  कब  मुझे  सोने  के  लिए  भेजना  है  क्योंकि  उसे  पता  है  कि  मैं  हमेशा  उसी  वक़्त  पे  उठूँगा  और  उसमे  कोई  समझौता नहीं  किया  जा  सकता .
इसका  एक  असर ये हुआ कि  मैं  अब  हर  रात  लगभग  90 मिनट  कम  सोता  ,पर  मुझे  feel होता  कि  मैंने  पहले  से ज्यादा  रेस्ट  लिया  है . मैं  अब  जितनी  देर  तक  बिस्तर  पर  होता  करीब  उतने  देर  तक  सो  रहा  होता .
मैंने  पढ़ा  है  कि  ज्यादातर  अनिद्रा  रोगी  वो  लोग  होते  हैं  जो  नीद  आने  से  पहले  ही  बिस्तर  पर  चले  जाते  हैं . यदि  आपको  नीद  ना  आ  रही  हो  और  ऐसा  लगता  हो  कि  आपको  जल्द ही  नीद  नहीं  आ  जाएगी  , तो  उठ  जाइये  और  कुछ  देर  तक  जगे  रहिये . नीद  को  तब  तक  रोकिये  जब  तक  आपकी  body ऐसे  hormones ना  छोड़ने  लगे  जिससे आपको नीद ना आ जाये.अगर  आप  तभी  bed पे  जाएँ  जब  आपको  नीद  आ  रही  हो  और  एक  निश्चित  समय  उठें  तो  आप  insomnia का  इलाज  कर  पाएंगे .पहली  रात  आप  देर  तक  जागेंगे  , पर  बिस्तर  पर  जाते  ही  आपको  नीद  आ  जाएगी . .पहले  दिन  आप  थके  हुए  हो  सकते  हैं  क्योंकि  आप  देर  से  सोये  और  बहुत  जल्दी  उठ  गए , पर  आप  पूरे  दिन  काम  करते  रहेंगे  और  दूसरी  रात  जल्दी  सोने  चले  जायेंगे .कुछ  दिनों  बाद  आप  एक  ऐसे  pattern में  settle हो  जायेंगे  जिसमे  आप  लगभग  एक  ही  समय  बिस्तर  पर  जायंगे  और  तुरंत  सो  जायंगे .
इसलिए   यदि  आप  जल्दी  उठाना  चाहते  हों  तो  ( या  अपने  sleep pattern को  control करना  चाहते  हों ), तो  इस  try करिए :  सोने  तभी  जाइये  जब  आपको  सच -मुच  बहुत  नीद  आ रही  हो  और  हर  दिन  एक  निश्चित  समय  पर  उठिए .
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Note : Despite taking utmost care there could be some mistake in Hindi translation of  “How to become an early riser”
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25 Tips To Lose Weight in Hindi कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न?

How To Reduce Weight (Hindi)?

Or

How To Lose Weight Fast(Hindi)?

कैसे तेजी से घटाएं अपना वज़न ?


Weight Loss Tips In Hindi
जो ज़रुरत से ज्यादा खायेगा,
वो समय से पहले जाएगा…
Weight Lose या Reduce  करना एक ऐसा topic है जिसपे जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिलती हैं. लोग एक से बढ़कर एक tips या diet-plan बताते हैं, जिसके हिसाब से Weight Reduce  करना मानो बच्चों का खेल हो. पर हकीकत तो आप जानते ही हैं कि ये असल में कितना challenging काम है. इसीलिए मैं आज आपके साथ How to reduce weight, Hindi  में share कर रहा हूँ. मेरी कोशिश होगी की यह लेख  Hindi में इस विषय पर लिखे गए सबसे अच्छे लेखों में से एक हो.

Weight बढ़ने का विज्ञान बड़ा सीदा-साधा है. यदि आप खाने-पीने के रूप में  जितनी Calories ले रहे हैं उतनी burn  नहीं करेंगे तो आपका weight बढ़ना तय है. दरअसल बची हुई Calorie ही हमारे शरीर में fat के रूप में इकठ्ठा हो जाती है और हमारा वज़न बढ़ जाता है.
वज़न कम करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपको ये जानना चाहिए कि आपका present weight सही है या नहीं. इसके लिए आप कृपया इस लेख को पढ़ें  कैसे जानें आपका वज़न सही है या नहीं ? यहाँ से आप अपना Body Mass Index जान पायेंगे. BMI  एक बहुत ही  simple tool  है जो आपके वज़न और लम्बाई के हिसाब से आपकी body में कितना  fat  है बताता है.  आपका BMI ये बताता है कि आप किस weight category  में आते हैं:
  • 18.5 से कम – Underweight
  • 18.5  से 25 – Normal Weight
  • 25  से 29.9  – Overweight
  • 30  से ज्यादा  – Obese (अत्यधिक वज़नी)
अब यदि आप Overweight या Obese हैं तो ही आपको अपना वज़न कम करने की ज़रुरत है. और यदि आपको इसकी ज़रुरत है तो आपको ये भी जाना चाहिए कि जिस इस्थिति में आप पहुंचे हैं उसकी वज़ह क्या है. वैसे आम-तौर पर वज़न बढ़ने के दो कारण होते हैं:
  •  खान–पान : Weight  बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण होता है हमारा खान-पान. यदि हमारे खाने में कैलोरी की मात्र अधिक होगी तो वज़न बढ़ने के chances  ज्यादा हो जाते हैं. अधिक तला-भुना , fast-food, देशी घी, cold-drink  आदि पीने से शरीर में ज़रुरत से ज्यादा calories इकठ्ठा हो जाती  हैं जिसे हम बिना extra effort के burn नहीं कर पाते और नतीजा हमारे बढे हुए वज़न के रूप में दिखाई देता है. यदि आप इस बात की जानकारी रखें कि आपके शरीर को हर दिन कितने कैलोरी की आवश्यकता है और उतना ही consume करें तो आपका weight  नहीं बढेगा.
  •  Inactive होना : अगर आपकी दिनचर्या ऐसी है कि आपको ज्यादा हाथ-पाँव नहीं हिलाने पड़ते तो आपका weight बढ़ना लगभग तय है. ख़ास तौर पर जो लोग घर में ही रहते हैं या दिन भर कुर्सी पर बैठ कर ही काम करते हैं उन्हें जान-बूझ कर अपनी daily-life  में कुछ physical activity involve  करनी चाहिए. जैसे कि आप lift  की जगह सीढ़ियों का प्रयोग करें, अपने interest का कोई खेल खेलें , जैसे कि badminton, table-tennis, इत्यादि. यदि आप एक treadmill या एक gym cycle afford  कर सकें और उसे नियमित रूप से प्रयोग करें तो काफी लाभदायक होगा. वैसे सबसे सस्ता और सरल उपाय है कि आप रोज़ कुछ देर टहलने की आदत डाल लें.
पर इसके अलावा भी कई कारणों से आपका वज़न बढ़ सकता है .अन्य कारणों को आप यहाँ देख सकते हैं: वज़न बढ़ने के 10 प्रमुख कारण
अब जब आप weight बढ़ने का कारण जान गए हैं तो इसे lose या  reduce  करना आपकी इच्छाशक्ति  और जानकारी पर निर्भर करता है. यहाँ मैं Weight Lose करने की ऐसी ही कुछ TIPS HINDI में share कर रहा हूँ.उम्मीद है ये जानकारी आपके काम आएगी.

TIPS TO LOSE WEIGHT IN HINDI

1. सब्र  रखें   : याद   रखिये   की आज जो आपका weight है  वो कोई दो -दिन  या  दो  महीने   की  देन  नहीं  है . ये  तो बहुत  समय  से चली  आ  रही  आपकी life-style का  नतीजा  है. और यदि आपको weight loss करना है तो निश्चित  रूप  से आपको सब्र  रखना  होगा. बेंजामिन फ्रैंकलिन का  ये कथन -” जिसके पास धैर्य है वह जो चाहे वो पा सकता है.” हमेशा मुझे प्रेरित करता है. तो आप भी तैयार रहिये कि इस काम में वक़्त लगेगा. हो सकता है शुरू के एक-दो हफ्ते आपको अपने वज़न में कोई अंतर ना नज़र आये पर येही वो वक़्त है जहाँ आपको मजबूत बने रहना है, धैर्य रखना है, हिम्मत रखना है.
 2.अपने efforts में यकीन रखिये : किसी भी और चीज से ज्यादा ज़रूरी है कि आप weight loss के लिए जो efforts कर रहे हैं उसमे आपका यकीन होना.  यदि आप एक तरफ daily gym जा रहे हैं और दूसरी तरफ दोस्तों से ये कहते फिर रहे हैं कि जिम-विम जाने का कोई फायदा नहीं है तो आपका subconscious mind भी इसी बात को मानेगा, और सच-मुच आपको अपने एफ्फोर्ट्स का कोई रिजल्ट नहीं मिलेगा. खुद से positive-talk करना बहुत ज़रूरी है. आप खुद से कहिये कि, ” मैं फिट हो रहा हूँ”, ” मुझे results मिल रहे हैं” , आदि.
3.Visualize करिए : आप जैसा दिखना चाहते हैं वैसे ही खुद के बारे में सोचिये. यकीन जानिये ये आपको weight lose करने में मदद करेगा.आप चाहें तो आप अपने कमरे की दीवार, या कंप्यूटर स्क्रीन पर कुछ वैसी ही फोटो लगा सकते हैं जैसा कि आप दिखना चाहते हैं. रोज़ खुद को वैसा देखना उस चीज को और भी संभव बनाएगा.
4.नाश्ते के बाद , पानी को अपना main drink  बनाएं : नाश्ते के वक़्त orange juice, चाय , दूध इत्यादि ज़रूर लें लेकिन उसके बाद पुरे दिन पानी को ही पीने के लिए इस्तेमाल करें. कोल्ड-ड्रिंक को तो छुए भी नहीं और चाय-कॉफ़ी पर भी पूरा control रखें .इस तरह आप हर रोज़ करीब 200-250 Calories कम consume करेंगे.
5.Pedometer का प्रयोग करें: ये एक ऐसी device है जो आप के हर कदम को count करता  है. इसे अपने बेल्ट में लगा लें और कोशिश करें की हर रोज़ 1000 Steps extra चला जाये. जिनका weight अधिक होता है वो आम तौर पर दिन भर में बस दो से तीन हज़ार कदम ही चलते हैं. यदि आप इसमें 2000  कदम और जोड़ दें तो आपका current weight बना रहेगा और उससे ज्यादा चलने पर वज़न कम होगा.एक standard pedometer की कीमत 1000 से 1500 रुपये तक होती है.
Pedometer
6.अपने साथ एक छोटी सी diary रखें : आप जो कुछ भी खाएं उसे इसमें लिखें. Research में पाया गया है कि जो लोग ऐसा करते हैं वो औरों से 15% कम calories consume करते हैं.
7.जानें आप  कितनी calories लेते हैं, और उसमे 10% add कर दें: यदि आपको लगता है कि आप हर रोज़ 1800 कैलोरी लेते हैं और  फिर भी आपका वज़न control नहीं हो रहा है तो शायद आप अपनी calorie intake का गलत अनुमान लगा रहे हैं. आम तौर पर यदि आप अपने अनुमान में 10% और जोड़ दें तो आपका अनुमान ज्यादा accurate हो जायेगा. For Example: 1800 की जगह 1800 + 180 = 1980 Calorie.
8.तीन time खाने की बजाये 5-6 बार थोडा-थोडा खाएं: South Africa में हुई एक research में ये पाया गया की यदि व्यक्ति  सुबह, दोपहर, शाम  खाने की बजाये दिन भर में 5-6 बार थोड़ा-थोड़ा खाए  तो वो 30% कम कैलोरी consume करता है. और यदि वह  उतनी  ही कैलोरी ले  रहा है जितना की वो तीन बार खाने में लेता  है तो भी  ऐसा करने से body कम insulin release करती  है , जो की आपके blood sugar को सही रखता  है और  आपको भूख  भी कम लगती  है.
9.रोज़ 45 मिनट  टहलिए  : रोज़ 30 मिनट टहलना आपका weight बढ़ने नहीं देगा लेकिन यदि आप अपना weight घटाना चाहते हैं तो कम से कम 45 मिनट रोज़ टहलना  चाहिए. अगर  आप रोज़ ऐसा कर लेते हैं तो बिना  अपना खान – पान बदले  भी आप साल  भर में 15Kg वज़न कम कर सकते हैं. और यदि आप ये काम सुबह सुबह ताज़ी हवा  में करें तो बात  ही कुछ और है. पर इसके लिए आपको डालनी  होगी सुबह जल्दी उठने  की आदत .
10.नीले रंग का अधिक प्रयोग करें: नीला रंग भूख को कम करता है. यही वजह है कि अधिकतर restaurants इस रंग का प्रयोग कम करते हैं. तो आप खाने में blue plates use करें , नीले कपडे पहने, और टेबल पर नीला tablecloth डालें.इसके opposite red,yellow, और orange color खाते वक़्त avoid करें, ये भूख बढाते हैं.
11.अपने पुराने कपड़ों को दान कर दें : एक बार जब आप सही weight पा चुके हैं तो अपने पुराने कपडे, जो अब आपको loose होंगे, उन्हें किसी को दान कर दें. ऐसा करने से दो फायदे होंगे. एक तो आपको कुछ दान कर के ख़ुशी होगी और दूसरा आपके दिमाग में एक बात रहेगी कि यदि आप फिर से मोटे हुए तो वापस इतने कपडे खरीदने होंगे. ये बात आपको अपना weight सही रखने के लिए encourage करेगी.
12.खाने के लिए छोटी plate का प्रयोग करें: अद्ध्यनो से पता चला है कि चाहे आपको जितनी भी भूख लगी हो; यदि आपके सामने कम खाना होगा तो आप कम खायेंगे, और यदि ज्यादा खाना रखा है तो आप ज्यादा खायेंगे. तो अच्छा होगा कि आप थोड़ी छोटी थाली उसे करें जिसमे कम खाना आये. इसी तरह चाय -कॉफ़ी के लिए भी छोटे cups प्रयोग करें.बार बार खाना लेना आपका calorie intake बढाता है इसलिए आपको जितना खाना है उसी हिसाब से एक ही बार में उतना खाना ले लें.
13.जहां खाना खाते हों वहाँ सामने एक शीशा लगा लें: एक  study में ये पाया गया कि शीशे के सामने बैठ कर खाने वाले लोग कम खाते हैं. शायद खुद को out of shape देखकर उन्हें ये याद दिलाता हो कि weight कम करना उनके लिए बेहद ज़रूरी है.
14.Water-rich food खाएं:  Pennsylvania State University  की एक research में पाया गया है कि water-rich food , जैसे कि टमाटर,लौकी, खीरा, आदि खाने से आपका overall calorie consumption कम होता है.इसलिए इनका अधिक से अधिक प्रयोग करें.
15.Low-fat milk का प्रयोग करें:  चाय , कॉफ़ी बनाने में, या सिर्फ दूध पीने के लिए भी skim milk use करें, जिसमे calcium ज्यादा होता है और calories कम.
16.90% खाना घर पर ही खाएं: अधिक से अधिक घर पर ही खाना खाएं, और यदि आप बाहर भी घर का बना खाना ले जा सकते हों तो ले जायें. बाहर के खाने में ज्यादातर high-fat और  high-calorie होती हैं.इनसे बचें.
17.धीरे-धीरे खाएं: धीरे खाने से आपका ब्रेन पेट भर जाने का सिग्नल पहले ही दे देगा और आप कम खायेंगे.
18.तभी खायें जब सचमुच भूख लगी हो: कई बार हम बस यूँहीं खाने लगते हैं. कई लोग आदत, boredom, या nervousness की वज़ह से भी खाने लगते हैं. अगली बार तभी खाएं जब आपको वाकई में भूख सहन ना हो. यदि आप कोई specific चीज खाने के लिए खोज रहे हैं तो ये भूख नही बस स्वाद बदलने की बात है, जब सच में भूख लगेगी तो आपको जो कुछ भी खाने को मिलेगा आप खाना पसंद करेंगे.
 19.जूस पीने की बजाये फल खाएं: जूस पीने की बजाये फल खाएं, उससे आपको वही लाभ होंगे, और जूस की अपेक्षा फल आपकी भूख को भी कम करेगा, जिससे overall आप कम खायेंगे.
20.ज्यादा से ज्यादा चलें: आप जितना ज्यादा चलेंगे आपकी calories उतना ही अधिक burn  होंगी. लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, आस-पास पैदल जाना  आपके लिए मददगार साबित होगा. घर में भी आप दिन भर में एक-दो बार अपनी छत का चक्कर लगाने की कोशिश करें. छोटे-छोटे efforts बड़ा result देंगे.
21.हफ्ते में एक दिन कोई भारी काम करें: हर हफ्ते कोई एक भारी काम या activity करें. जैसे की आप अपनी bike या  car  धोने का सोच सकते हैं, बच्चों के साथ कहीं घूमने जाने का plan कर सकते हैं, या अपने spouse की हेल्प करने के लिए घर की सफाई कर सकते हैं.
22.ज्यादातर कैलोरीज़ दोपहर से पहले कंस्यूम कर लें:  Studies से पता चला है कि जितना अधिक आप दिन के वक़्त खा लेंगे रात में आप उतना ही कम खायेंगे.और दिन में जो calories आपने consume की है उसके रात तक burn हो जाने के chances अधिक हैं .
23.डांस करें: जब कभी आपको वक़्त मिले तो बढ़िया music लगा  कर dance करें. ऐसा करने से आपका मनोरंजन भी होगा और अच्छी-खासी calories भी burn हो जाएँगी. यदि आप इसको routine में ला पाएं तो बात ही क्या है.
24. नींबू और शहद का प्रयोग करें : रोज सुबह हल्के गुनगुने पानी के साथ नीबू और शहद का सेवन करें.ऐसा करने से आपका वज़न कम होगा. यह उपाय हमारे पाठक Mr. V D Sharma जी ने अपने अनुभव के मुताबिक बताया है. ऐसा करके उन्होंने अपना वज़न १० किलो तक कम किया है.उम्मीद है यह आपके लिए भी कारगर होगा.
25. दोपहर में खाने से पहले 3 ग्लास पानी पीयें : ऐसा करने से आपको भूख कुछ कम लगेगी, और यदि आप अपना वज़न कम करना चाहते हैं तो भूख से थोडा कम खाना आपके लिए लाभदायक रहेगा.
याद रखिये कि weight reduce करने के लिए आपको सब्र रखना होगा. छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर आप इस काम को तेजी से कर पायेंगे. और इस दौरान आप जो कर रहे हैं उस पर यकीन करना बहुत ज़रूरी है.Hope these tips will help you to reduce weight fast. All the best. :)
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Note : In case you have some better points to add to ” How To Lose /Reduce Weight Fast” in Hindi please add it to through your comments.
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जीरो से हीरो- कैसे बने है ये

70 का दशक भारतीय उद्योग को नई दिशा देने वाला माना जा सकता है. यह वह दशक था जब कई उद्यमियों ने आम सोच से हटकर, अपनी आर्थिक, सामाजिक स्थितियों की परवाह न करते हुए अपना छोटा सा कारोबार शुरू किया और आज वे भारत ही नहीं एशिया के करोड़पति-अरबपतियों की सूची में शामिल हैं. नए उद्योगपतियों के लिए इनकी कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं.

किरण मजूमदार शॉ: फोर्ब्स की दुनिया की 50 अरबपति महिलाओं की सूची में शामिल किरण मजूमदार शॉ और इनकी कंपनी बायोकॉन आज किसी परिचय और नाम की मुहताज नहीं है. किरण मजूमदार शॉ कभी अपना कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक परेशानियों से घिरी थीं. कोई भी बैंक इन्हें लोन देने को तैयार नहीं था. नारायण मूर्ति की ही तरह इन्होंने भी 10000 की शुरुआती पूंजी से अपने किराए के मकान से ही बायोकॉन की शुरुआत की थी. बेंगलोर में जन्मी, पली-बढ़ी किरण मजूमदार ने डॉक्टर बनना चाहती थीं. पर डॉक्टरी का सपना छोड़कर इन्होंने बेंगलोर से ही जूलॉजी ऑनर्स किया. साधारण जूलॉजी ऑनर्स की पढ़ाई को ही अपना पेशा बनाते हुए किरण ने 1978 में बायोकॉन की शुरुआत की. पर इसे शुरू करना इतना आसान नहीं था. आज किरण मजूदमदार शॉ के नाम पर लाखों के इंवेस्टमेंट के लिए कई कंपनियां, बैंक तैयार हो जाएंगे, पर तब इस युवा लड़की को इसके नए बिजनेस की शुरुआत के लिए बैंक ने लोन देने से मना कर दिया था. इसके अलावे भी कई मुश्किल हालात थे. भारत जैसे देश में जहां मूलभूत बिजली और शुद्ध पानी की आपूर्ति करना भी एक समस्या है, किरण ने एक फॉर्मास्यूटिकल कंपनी शुरू करने का साहस किया था. उस पर भी आर्थिक तंगी के हालात में कंपनी शुरू करने के लिए कोई जगह किराए पर लेना भी संभव नहीं था. कंपनी के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की भर्ती करना एक चुनौती है. एक तो नई कंपनी, उस पर काम के लिए जरूरी वेतन देना, हर चीज चुनौतीपूर्ण था. पर इन सारी चुनौतियों को पार करते हुए किरण ने बायोकॉन शुरू किया. इतना ही नहीं एक साल के अंदर यह भारत से अमेरिका और यूरोप को एंजाइम निर्यात करने करने वाली पहली कंपनी बन गई. आज बायोकॉन भारत की प्रतिष्ठित कंपनियों में है और इसकी संपत्ति अरबों की है.

धीरूभाई अंबानी: धीरजलाल हीरालाल अंबानी बाद में धीरूभाई अंबानी (Dhirubhai Ambani) के नाम से जाने गए. आज शायद देश का बच्चा-बच्चा धीरूभाई अंबानी और रिलायंस इंडस्ट्रीज का नाम जानता हो. पर एक सामान्य गुजराती शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखनेवाले धीरूभाई अंबानी से भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी का मालिक करोड़पति धीरूभाई अंबानी बनना इतना आसान नहीं था. कहते हैं कारोबार का कीड़ा धीरूभाई के दिमाग में पहले ही था. पर पैसों की तंगी के कारण ऐसा संभव नहीं था. धीरूभाई अंबानी केवल 500 रु. लेकर विदेश गए और 15000 की जमा-पूंजी के साथ 1962 में भारत लौटकर रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना की. 1977 में पब्लिक जानकारी में आई आरआईएल की 2007 तक 60 बिलियन डॉलर संपत्ति ने अंबानी परिवार को दुनिया के दूसरे सबसे अमीर परिवारों की श्रेणी में ला दिया. आज आरआईएल पेट्रोकेमिकल्स (petrochemicals), रिफाइनिंग (refining), ऑयल एंड गैस (oil and gas) आदि कई क्षेत्रों में अपने व्यापार कर रहा है.

सुनील मित्तल (Sunil Mittal): भारती एयरटेल के मालिक सुनील भारती पहले भारतीय माने जाते हैं जिन्होंने टेलीकम्यूनिकेशन में उज्ज्वल भविष्य देखते हुए टेलीकम्यूनिकेशन को बिजनेस का आधार बनाया और भारती एंटरप्राइज की स्थापना की. 18 साल की उम्र में अपने पिता से 20 हजार रुपए उधार लेकर उन्होंने अपना पहला बिजनेस शुरू किया था. 1980 में अपने भाई के साथ मिलकर भारती ओवरसीज ट्रेडिंग लिमिटेड की स्थापना की. वे जापान से सुजुकी मोटर्स की पोर्टेबल इलेक्ट्रिक जेनेरेटर्स के आयात के बिजनेस में थे, पर अचानक ही भारत सरकार ने इस पर बैन लगा दिया. उस समय सुनील मित्तल के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई, कि अब क्या? फिर 1984 में उन्होंने पुश-बटन फोन का बिजनेस शुरू किया. 1992 में बीटल के नाम से आंसरिंग मशीन फोन बनाना शुरू किया. बीटल सक्सेसफुल रहा. 1992 में उन्होंने मोबाइल फोन नेटवर्क नीलामी (mobile phone network licences auctioned ) में बिड किया. इसकी प्रमुख शर्त थी कि बिडर को मोबाइल ऑपरेटिंग में एक्सपीरिएंस होना चाहिए. अत: फ्रेंच टेलीकॉम ग्रुप विवेंदी का लाइसेंस मित्तल को मिल गया. 1994 में उनके मोबाइल टेलीकॉम बिजनेस को भारत सरकार द्वारा मान्यता मिल गई. 1995 में भारती सेल्यूलर लिमिटेड (बीसीएल) के अंतर्गत एयरटेल (AirTel) के नाम सेल्यूलर सर्विस दिल्ली में शुरू हुई. आज भारती एयरटेल की संपत्ति, सेवा और नाम से हर कोई परिचित है.

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